Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


खुशखबरी ! पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ कतारगाँव में भगवान आदिनाथ मंदिर में विराजमान हैं|

अंधे के हाथ में लालटेन

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


अंधे के हाथ में लालटेन

EM899.jpg
EM899.jpg

पगडंडी गाँव की ओर जा रही थी। पगडंडी पर एक अंधा हाथों में लालटेन लिये आगे बढ़ रहा था । अंधे ने हाथ में लालटेन तो लिया है किन्तु लालटेन का प्रकाश पगडंडी पर पड़ रहा है। लेकिन अंधे के लिये प्रकाश का क्या महत्व।

तभी सामने से आते हुए राहगीर ने पूछा—बाबा आंखों से दिखता नहीं तब ये लालटेन के प्रकाश से तुम्हें क्या लाभ है ? ये तुम्हारे हाथों में लालटेन किस काम का। अंधे ने कहा—भाई मुझे तो नहीं दिखता क्योंकि आँखे नहीं है। लेकिन आजकल आंखो वालों को नहीं दिखता अतएव लालटेन लेकर चल रहा हूँ ।

अंधे के इस उत्तर से आंख वाला राहगीर चुप और अवाक् रह गया।

बच्चों! आज आंख वालों के पास आँखे तो हैं लेकिन हम देखने की दृष्टि खो चुके हैं। आंख और दृष्टि में यही भेद है। दृष्टिस्पष्ट है तो आंखे सहयोगी है। नहीं तो आँखे के होते हुए भी हम अंधे हैं।

बोलती कथाओं से साभार