ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अकुशलानुबन्धी

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अकुशलानुबन्धी
Fruition and destruction of karmas in their right time. सविपाक निर्जरा-अपने समय से स्वयं कर्मों का उदय में आकार झड़ते रहना।