ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 22 और 23 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं साधुसमाधि भावनायै नमः"

अग्नित्रय

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अग्नित्रय
Three kinds of fire used in sacrificial fire-pit, Three kinds of fire ( anger, lust, hunger). अग्रिकुमार देवों के इन्द्रमुकुट से उत्पन्न हुयी तीन गार्हपत्य,आहवनीय और दक्षिणागरी.क्रोध,काम और उदराग्रि को भी अग्नित्रय कहते हैं ।