ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अघातिया

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अघातिया- ज्ञानावरण, दर्शनावरण,वेदनीय,मोहनीय,आयु ,नाम ,गोत्र ,अन्र्तराय इन आठ कर्मो में वेदनीय ,आयु, नाम, गोत्र ये अघातिया कर्म होते हैं