ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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प्रथामाचार्य श्री शांतिसागर महाराज की 62 वीं पुण्यतिथि (भाद्रपद शुक्ला दुतिया) 23 अगस्त को मुंबई के जैनम हाल में पूज्य गणिनी ज्ञानमती माता जी के सानिध्य में मनायी जाएगी जैन धर्मावलंबी अपने-अपने नगरों में विशेष रूप से इस पुण्यतिथि को मनाकर सातिशय पुण्य का बंध करें|
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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 22 और 23 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं साधुसमाधि भावनायै नमः"

अघोर

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अघोर
A type of supernatural power of pacifying the effect of natural calamities like drought etc. by the effect of continuous (pure) celibacy of a saint. ऋद्धि जिसके कारण साधू द्वारा अखंड ब्रह्मचर्य बल से दुर्भिक्षादि उप्द्रव्यों को अपनी इच्छा मात्र से तुरंत शांत किया जा सकता है ।