वीर निर्वाण संवत 2544 सभी के लिए मंगलमयी हो - इन्साइक्लोपीडिया टीम

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


22 अक्टूबर को मुंबई महानगर पोदनपुर से पू॰ गणिनी ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार मांगीतुंगी की ओर हो रहा है|

अण्डे की कथा, शाकाहारी की व्यथा

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अण्डे की कथा, शाकाहारी की व्यथा

उन्होंने कहा कि अण्डा को

शाकाहारी मान लें
तो कैसा रहेगा ?
मैने कहा  :
वेश्या को माँ मानने
जैसा रहेगा |

अहो आश्चर्य !
दुनिया किधर
जा रही है,
पानी छानकर पीने वाली
जनता
आज अण्डा खा रही है ।

मनुष्य हो
दया — धर्म निभाओ।
अंडा खाकर
पेट को कब्रिस्तान
मत बनाओं।
                            
उन पर
पश्चिम हवा का
भूत सवार है,
तभी तो
उनकी दृष्टि में
अण्डा शाकाहार है ।

जिस दिन अण्डा
आपकी रसोई में
आ जाएगा
सच मानो
उस दिन अंडा
आपको ही खा
जाएगा ।

जी हाँ ! लोग उन्हें
शरीफ इन्सान
व दयालु कहते हैं
क्योंकि ये
आजकल अंडे को
सफेद आलू कहते हैं।

वे इतने अधिक
जिव्हा लोलुपी हो गये
कि उनकी दृष्टि में
अण्डे तक
शाकाहारी हो गये।

कलियुग में
उल्टी गंगा बह रही है
दुनिया दूध को मांसाहार और
अंडे को शाकाहार
कह रही है।

मुनि श्री तरुणसागर जी