ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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प्रथामाचार्य श्री शांतिसागर महाराज की 62 वीं पुण्यतिथि (भाद्रपद शुक्ला दुतिया) 23 अगस्त को मुंबई के जैनम हाल में पूज्य गणिनी ज्ञानमती माता जी के सानिध्य में मनायी जाएगी जैन धर्मावलंबी अपने-अपने नगरों में विशेष रूप से इस पुण्यतिथि को मनाकर सातिशय पुण्य का बंध करें|
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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 22 और 23 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं साधुसमाधि भावनायै नमः"

अण्डे की कथा, शाकाहारी की व्यथा

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अण्डे की कथा, शाकाहारी की व्यथा

उन्होंने कहा कि अण्डा को

शाकाहारी मान लें
तो कैसा रहेगा ?
मैने कहा  :
वेश्या को माँ मानने
जैसा रहेगा |

अहो आश्चर्य !
दुनिया किधर
जा रही है,
पानी छानकर पीने वाली
जनता
आज अण्डा खा रही है ।

मनुष्य हो
दया — धर्म निभाओ।
अंडा खाकर
पेट को कब्रिस्तान
मत बनाओं।
                            
उन पर
पश्चिम हवा का
भूत सवार है,
तभी तो
उनकी दृष्टि में
अण्डा शाकाहार है ।

जिस दिन अण्डा
आपकी रसोई में
आ जाएगा
सच मानो
उस दिन अंडा
आपको ही खा
जाएगा ।

जी हाँ ! लोग उन्हें
शरीफ इन्सान
व दयालु कहते हैं
क्योंकि ये
आजकल अंडे को
सफेद आलू कहते हैं।

वे इतने अधिक
जिव्हा लोलुपी हो गये
कि उनकी दृष्टि में
अण्डे तक
शाकाहारी हो गये।

कलियुग में
उल्टी गंगा बह रही है
दुनिया दूध को मांसाहार और
अंडे को शाकाहार
कह रही है।

मुनि श्री तरुणसागर जी