ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अथ श्रीचक्रेश्वरीदेवी अष्टोत्तरशतनाम बीजाक्षर मन्त्राः

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अथ श्रीचक्रेश्वरीदेवी अष्टोत्तरशतनाम बीजाक्षर मन्त्राः

अष्टोत्तरशतं शुभ्रैः पुष्पैर्वामणिभिस्तथा।
यक्षेश्वरी-पदाम्भोजे जपं कृत्वा नमाम्यऽहम् ।।
१. ॐ आं क्रों ह्रीं चक्रेश्वर्यै नमः

२. ॐ आं क्रों ह्रीं चक्रायुधायै नमः
३. ॐ आं क्रों ह्रीं चक्रिण्यै नमः
४. ॐ आं क्रों ह्रीं चक्रधारिण्यै नमः
५. ॐ आं क्रों ह्रीं चक्रपराक्रमायै नमः
६.ॐ आं क्रों ह्रीं चन्द्रकान्तायै नमः
७. ॐ आं क्रों ह्रीं चन्द्रिकायै नमः
८. ॐ आं क्रों ह्रीं चतुराश्रमवासिन्यै नमः
९. ॐ आं क्रों ह्रीं चन्द्राननायै नमः
१०. ॐ आं क्रों ह्रीं चतुर्मुखायै नमः
११. ॐ आं क्रों ह्रीं चैत्यमंगलायै नमः
१२. ॐ आं क्रों ह्रीं चैत्यभक्तायै नमः
१३. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रिनेत्रायै नमः
१४. ॐ आं क्रों ह्रीं त्र्यम्बकायै नमः
१५. ॐ आं क्रों ह्रीं तपस्विन्यै नमः
१६. ॐ आं क्रों ह्रीं तपोनिष्ठायै नमः
१७. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रिपुरायै नमः
१८. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रिपुरसुन्दर्यै नमः
१९. ॐ आं क्रों ह्रीं धर्मपालायै नमः
२०. ॐ आं क्रों ह्रीं धर्मरूपायै नमः
२१. ॐ आं क्रों ह्रीं वसुन्धरायै नमः
२२. ॐ आं क्रों ह्रीं शक्रपूजितायै नमः
२३. ॐ आं क्रों ह्रीं गम्भीरायै नमः
२४. ॐ आं क्रों ह्रीं वासवायै नमः
२५. ॐ आं क्रों ह्रीं लोकेश्वर्यै नमः
२६. ॐ आं क्रों ह्रीं लोकार्चितायै नमः
२७. ॐ आं क्रों ह्रीं पवित्रायै नमः
२८. ॐ आं क्रों ह्रीं पावनायै नमः
२९. ॐ आं क्रों ह्रीं भक्तवत्सलायै नमः
३०. ॐ आं क्रों ह्रीं भव्यरक्षिण्यै नमः
३१. ॐ आं क्रों ह्रीं महीधरायै नमः
३२. ॐ आं क्रों ह्रीं पात्रदात्र्यै नमः
३३. ॐ आं क्रों ह्रीं मंगलायै नमः
३४. ॐ आं क्रों ह्रीं मांगल्यप्रदायै नमः
३५. ॐ आं क्रों ह्रीं जगन्मायायै नमः
३६. ॐ आं क्रों ह्रीं जगत्पालायै नमः
३७. ॐ आं क्रों ह्रीं सोमाभायै नमः
३८. ॐ आं क्रों ह्रीं महीशार्चितायै नमः
३९. ॐ आं क्रों ह्रीं वज्रांगायै नमः
४०. ॐ आं क्रों ह्रीं गोमुखांगायै नमः
४१. ॐ आं क्रों ह्रीं हेमाभायै नमः
४२. ॐ आं क्रों ह्रीं गोमुखप्रियायै नमः
४३. ॐ आं क्रों ह्रीं वज्रायुधायै नमः
४४. ॐ आं क्रों ह्रीं वज्ररूपायै नमः
४५.ॐ आं क्रों ह्रीं कामिन्यै नमः
४६. ॐ आं क्रों ह्रीं कामरूपिण्यै नमः
४७. ॐ आं क्रों ह्रीं शीलवत्यै नमः
४८. ॐ आं क्रों ह्रीं शीलभूषायै नमः
४९. ॐ आं क्रों ह्रीं शीलदायै नमः
५०. ॐ आं क्रों ह्रीं कामितप्रदायै नमः
५१. ॐ आं क्रों ह्रीं शरणरक्ष्यै नमः
५२. ॐ आं क्रों ह्रीं शरण्यायै नमः
५३. ॐ आं क्रों ह्रीं सुज्ञानायै नमः
५४. ॐ आं क्रों ह्रीं सरस्वत्यै नमः
५५. ॐ आं क्रों ह्रीं वरदात्र्यै नमः
५६. ॐ आं क्रों ह्रीं जनभक्तायै नमः
५७. ॐ आं क्रों ह्रीं जनयक्ष्यै नमः
५८. ॐ आं क्रों ह्रीं प्रशंकर्यै नमः
५९. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रिलोकपूज्यायै नमः
६०. ॐ आं क्रों ह्रीं शुद्धायै नमः
६१. ॐ आं क्रों ह्रीं सुप्रसिद्धायै नमः
६२. ॐ आं क्रों ह्रीं सुशर्मदायै नमः
६३. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रिलोकरक्षिण्यै नमः
६४. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रिकालज्ञानायै नमः
६५. ॐ आं क्रों ह्रीं भीतिहर्त्र्यै नमः
६६. ॐ आं क्रों ह्रीं सुसौरभायै नमः
६७. ॐ आं क्रों ह्रीं भीमायै नमः
६८. ॐ आं क्रों ह्रीं भारत्यै नमः
६९. ॐ आं क्रों ह्रीं भुजंग्यै नमः
७०. ॐ आं क्रों ह्रीं भूतरक्षिण्यै नमः
७१. ॐ आं क्रों ह्रीं मंगलमूत्र्यै नमः
७२. ॐ आं क्रों ह्रीं मंगलायै नमः
७३. ॐ आं क्रों ह्रीं भद्रायै नमः
७४. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रलोकवन्दितायै नमः
७५. ॐ आं क्रों ह्रीं लीलावत्यै नमः
७६. ॐ आं क्रों ह्रीं ललामाभायै नमः
७७. ॐ आं क्रों ह्रीं भद्ररूपायै नमः
७८. ॐ आं क्रों ह्रीं भद्रदायै नमः
७९. ॐ आं क्रों ह्रीं ऊँकारायै नमः
८०. ॐ आं क्रों ह्रीं ऊँकारभक्तायै नमः
८१. ॐ आं क्रों ह्रीं अलकायै नमः
८२. ॐ आं क्रों ह्रीं क्षेमदायिन्यै नमः
८३. ॐ आं क्रों ह्रीं अलंघ्यायै नमः
८४. ॐ आं क्रों ह्रीं चेतनायै नमः
८५. ॐ आं क्रों ह्रीं सुगन्धायै नमः
८६. ॐ आं क्रों ह्रीं गन्धशालिन्यै नमः
८७. ॐ आं क्रों ह्रीं नृसुरार्चितायै नमः
८८. ॐ आं क्रों ह्रीं करुणायै नमः
८९. ॐ आं क्रों ह्रीं पद्मप्रभायै नमः
९०. ॐ आं क्रों ह्रीं अर्थदायिन्यै नमः
९१. ॐ आं क्रों ह्रीं रोगनाशायै नमः
९२. ॐ आं क्रों ह्रीं शष्टपालायै नमः
९३. ॐ आं क्रों ह्रीं क्षेमभूषायै नमः
९४. ॐ आं क्रों ह्रीं क्षेमंकरायै नमः
९५. ॐ आं क्रों ह्रीं इष्टदायै नमः
९६. ॐ आं क्रों ह्रीं अनिष्टहर्त्र्यै नमः
९७. ॐ आं क्रों ह्रीं जगन्मात्रे नमः
९८. ॐ आं क्रों ह्रीं जगन्नुतायै नमः
९९. ॐ आं क्रों ह्रीं श्रीकान्तायै नमः
१००. ॐ आं क्रों ह्रीं श्रीदेव्यै नमः
१०१. ॐ आं क्रों ह्रीं कल्याण्यै नमः
१०२. ॐ आं क्रों ह्रीं मंगलाकृत्यै नमः
१०३. ॐ आं क्रों ह्रीं त्रिज्ञानधारिण्यै नमः
१०४. ॐ आं क्रों ह्रीं पद्माक्ष्यै नमः
१०५. ॐ आं क्रों ह्रीं सर्वरक्षिण्यै नमः
१०६. ॐ आं क्रों ह्रीं लोकपालायै नमः
१०७.ॐ आं क्रों ह्रीं लोकमात्रे नमः
१०८. ॐ आं क्रों ह्रीं सर्वसुवन्दितायै नमः।

ॐ आं क्रों ह्रीं श्रीचक्रेश्वर्यादि-सर्वसुवन्दितान्ताष्टोत्तरशतनामधारिण्यै

श्री चक्रेश्वरीदेव्यै अर्घं समर्पयामीति स्वाहा।।

।।इति श्रीचक्रेश्वरीदेवी अष्टोत्तरशतनामबीजाक्षरमन्त्राःसम्पूर्णाः।।
अर्हत्पादपयोजभक्तकुशले श्रीगोमुखेशप्रिये।
भक्तानां शरणार्थिनामभयदे सत्पुत्रसंदायिनि।।
चक्राद्यान्वितहस्तभूषितमहा संकाशसत्पूरिते।
वन्देऽहं तव पादपद्मयुगलं चक्रेविचन्द्राम्बिके।।
मंगलं चक्रिणीदेवी मंगलं चक्रधारिणी।
मंगलं स्वर्णवर्णाभा मंगलं गोमुखप्रिया।।