ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अनंतर बंध

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अनंतर बंध
A type of Karmic bondage. कार्मण वर्गणा स्वरुप से स्थित पुद्गल स्कंधों का मिथ्यात्वादिक प्रत्ययों के द्वारा कर्म स्वरुप से परिणत होब्ने के प्रथम समय में जो बंध होता है ।