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प्रतिदिन पारस चैनल पर पू॰ श्री ज्ञानमती माताजी षट्खण्डागम ग्रंथ का सार भक्तों को अपनी सरस एवं सरल वाणी से प्रदान कर रही है|

प.पू.आ. श्री चंदनामती माताजी द्वारा जैन धर्म का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करें | 6 मई 2018 से प्रतिदिन पारस चैनल के सीधे प्रसारण पर प्रातः 6 से 7 बजे तक |

अनंत :

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अनंत :

जह सूरमणी जलणं, मुंचइ सुरेण ताविओ संतो।

तह जीवो वि हु नाणं पावइ तव—सोसियप्पाणो।।

—कुवलयमाला : १७९

जिस तरह सूर्य से तप्त हुआ सूर्यकांत मणि अग्नि को प्रकट करता है, उसी तरह अपने तप से तपा हुआ जीव अनंत ज्ञान को प्रगट करता है।