Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|

22 अक्टूबर को मुंबई महानगर पोदनपुर से पू॰ गणिनी ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार मांगीतुंगी की ओर हो रहा है|

अनशन :

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


अनशन :

मासे मासे तु यो बाल:, कुशाग्रेण तु भुङ्क्ते।

न स स्वाख्यातधर्मस्य, कलामर्घति षोडशीम्।।

—समणसुत्त : २७३

जो बाल (परमार्थशून्य अज्ञानी) महीने—महीने के तप करता है और (पारणे में) कुश के अग्रभाग जितना (नाममात्र का) भोजन करता है, वह सुआख्यात धर्म की सोलहवीं कला को भी नहीं पा सकता।

सो नाम अणसण तवो, जेव मणो मंगुलं न चिन्तेइ।

जेण न इंदियहाणी, जेण य जोगा न हायंति।।

—मरण—समाधि : १३४

वही अनशन तप श्रेष्ठ है जिससे कि मन अमंगल न सोचे, इन्द्रियों की हानि न हो और नित्य—प्रति की योग—धर्म क्रियाओं में विघ्न न आए।