ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अनादिनय

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अनादिनय
A standpoint which accepts existence of begin-ningless things. एक पर्यायार्थिक नय-जो अतीतकाल की सत्ता अर्थात समस्त भरत क्षेत्र ,पर्वत,सरोवर ,चंद्र ,सूर्य ,नरक ,स्वर्ग मोक्ष आदि को स्वीकारता हो ।