वीर निर्वाण संवत 2544 सभी के लिए मंगलमयी हो - इन्साइक्लोपीडिया टीम

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22 अक्टूबर को मुंबई से पू॰ गणिनी ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार मांगीतुंगी की ओर हो गया है|आज वे थाणे में हैं

अनालब्ध

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अनालब्ध
An infraction in paying reverence, to pay reverence with some expectation. वंदना के ३२ अतिचारों में एक-उपकरणादि की आशा से वंदना करना ।