ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के द्वारा अागमोक्त मंगल प्रवचन एवं मुंबई चातुर्मास में हो रहे विविध कार्यक्रम के दृश्य प्रतिदिन देखे - पारस चैनल पर प्रातः 6 बजे से 7 बजे (सीधा प्रसारण)एवं रात्रि 9 से 9:20 बजे तक|

अनुकम्पा सागर जी महाराज

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज



अनुकम्पा सागर जी महाराज का संक्षिप्त परिचय

(१) पूज्यश्री का नाम -मुनिश्री अनुकम्पा सागर जी महाराज (संघस्थ आ. श्री रयणसागर जी)

(२) जन्मस्थान - -भीमपुर, बांसवाडा (राज.)

(३) जन्मतिथि व दिनाँक - सन् १९३३

(४) जाति - नृसिंहपुरा

(५) गोत्र - अम्बा

(६)(A) माता का नाम श्रीमति गमीर देवी

(B) पिता का नाम श्री छुन्नीलाल जी


(७) लौकिक शिक्षा - ८ वीं कक्षा पास



(८) आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत/प्रतिमा-व्रत ग्रहण करने का विवरण - सन् १९७९ सप्तम प्रतिमा

(९) मुनि दीक्षा तिथि, दिनाँक व स्थान - १७ फरवरी, २००० खन्दू कॉलोनी बांसवाड़ा


मुनि दीक्षा गुरु - आचार्य श्री अभिनन्दन सागर जी महाराज (माघ सुदी तेरस)


(१०)शिष्यों की संख्या -


आचार्य की संख्या-

(७) ब्रह्मचर्य व्रत- ९.२.१९९४ अमरकन्टक

उपाध्याय की संख्या-

मुनि की संख्या-

गणिनी की संख्या-


आर्यिका की संख्या-


ऐलक की संख्या-


क्षुल्लक की संख्या-.


क्षुल्लिका की संख्या-


ब्रह्मचारी भाई की संख्या-


ब्रह्मचारिणी बहनें की संख्या-


अन्य संख्या-




(११)अन्य विशेष जानकारी - संघस्थ (आचार्य श्री रयणसागर जी महाराज)