ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर २०१६- रविवार से सीधा प्रसारण चल रहा है | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

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Saints who accept purificatory courses. जिनकल्प को धारण करने में समर्थ साधुसंघ में ४०५ साधू परिहार विशुद्धि संयम धारण करते हैं,उनमे एक आचार्य होते हैं और आचार्य के पीछे जो धारण करते हैं वे अनुपहारक।