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पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ मांगीतुंगी के (ऋषभदेव पुरम्) में विराजमान हैं |

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Four expositions of Jaina scriptures. जैनागम के चारों भाग चार अनुयोग कहलाते हैं .प्रथमानुयोग,करणानुयोग,चरणानुयोग तथा द्रव्यानुयोग ।