ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अनुयोगी

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अनुयोगी
Learned in four expositions of Jaina scriptures. चार अनुयोगों को जानने वाला यह शब्द नैयायिक वैवेषिक दर्शानाकार आधार वा आश्रय के अर्थ में प्रयुक्त होता है जैसे द्रव्य अपने गुणों का अनुयोगी है ।