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प्रतिदिन पारस चैनल पर पू॰ श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार भक्तों को अपनी सरस एवं सरल वाणी से प्रदान कर रही है|

प.पू.आ. श्री चंदनामती माताजी द्वारा जैन धर्म का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करें | 6 मई 2018 से प्रतिदिन पारस चैनल के सीधे प्रसारण पर प्रातः 6 से 7 बजे तक |

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Rethinking of sensual pleasures. भोगोपभोग शिक्षावृत का दूसरा अतिचार:इन्द्रिय विषयों के सुखों को बार बार याद करना ।