ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.png
Whatsappicon.png
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें |


पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर, रविवार से ११ दिसंबर २०१६, रविवार तक प्रातः ६ बजे से ७ बजे तक सीधा प्रसारण होगा | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

अन्धकार के मौन क्षणों में

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

[सम्पादन]
अन्धकार के मौन

BYS 200x225.jpg
अन्धकार के मौन क्षणों में,

चलो सृजन के दीप जलाएँ।
ला दें भावों के आंगन में,
नई उमंगों की अरुणाई।
जीवन की संध्या में भर दें,
संकल्पों की नव तरुणाई।।
श्रम के उठते मधु गीतों में,
धरती का सहलाएँ यौवन।
आज चेतना के शिखरों पर,
नए राष्ट्र का सपन जगाएँ।।
चलो सृजन के दीप जलाएँ।
शुष्क युगों के मन अम्बर में,
आज खिला दें थोड़े बादल।
सूखे अधरों पर इठलाएँ,
मुस्कानों के दल पर नवदल।।
खिले दीप सा जीवन उपवन,
हर क्षण हो प्रभु ध्यान तुम्हारा।
नेह भरी पलकों से झांके,
ऐसा अपना मार्ग बनाएँ।।
चलो सृजन के दीप जलाएँ।

BYS 200x225.jpg