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ॐ ह्रीं सोमग्रहारिष्टशांतिकराय श्री चन्द्रप्रभ जिनेन्द्राय नम:।

अपूर्वचैत्यक्रिया

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अपूर्वचैत्यक्रिया
A type of devotional prayer. एक कृतिकर्म ;छह माह के बाद जो चैत्य-जिनप्रतिमा का दर्शन होता है उसे अपूर्वचैत्य कहते हैं.उनकी वंदना में भक्तिपाथ करना अपूर्व चैत्यक्रिया कहलाता है.जिसमे सिद्ध भक्ति,श्रुत भक्ति,चारित्र भक्ति,चैत्य भक्ति,पंचगुरु भक्ति,शांति भक्ति की जाती है ।