ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.png
Whatsappicon.png
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें |


पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर २०१६- रविवार से सीधा प्रसारण चल रहा है | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

अप्रतिक्रमण

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अप्रतिक्रमण
State of non - repentance. प्रतिक्रमण से रहित अवस्था;यह दो प्रकार की है-अज्ञानी जनों के आश्रित हे उपादेय के विवेक शून्य निरर्गल प्रवृत्ति रूपम,ग्यानी जीवों के आश्रित अभेद रत्नत्रय या त्रिगुप्ती रूप अर्थात ध्यान रूप हैं,ग्यानीजनों के आश्रित प्रतिक्रमण का नाम निश्चय प्रतिक्रमण भी है ।