Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ मांगीतुंगी के ऋषभदेवपुरम् में विराजमान हैं |

अब तक बहुत मनाया, रक्षाबन्धन का त्योहार है

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अब तक बहुत मनाया

524.jpg
(रक्षाबन्धन के शुभ अवसर पर गाने वाला भजन)

अब तक बहुत मनाया, रक्षाबन्धन का त्योहार है।
आओ आज मना लें, आतमरक्षा का त्योहार है।। टेक.।।
आतमप्रभु पर चार घातिया, कर्म मंत्रियों का हमला।
मोह बली मंत्री मुझसे, ले रहा पूर्व का यह बदला।।
भव अग्नी में झुलसाकर, करता उपसर्ग अपार है।
आओ आज मना लें, आतमरक्षा का त्योहार है।।१।।
ध्यानलीन होने पर आतम, शक्ति विष्णुमुनि आएंगे।
मेरी रक्षा करके बलि को, बांध स्वयं ले जाएंगे।।
ज्ञानामृत की खीर से होगा, तब मेरा आहार है।
आओ आज मना लें, रक्षाबंधन का त्योहार है।।२।।
निज रक्षा करके ही, पररक्षा के योग्य बना जाता।
व्यवहारिक रक्षाबन्धन, ‘चंदनामती’ यह सिखलाता।।
रक्षासूत्र गहो समता का, यही पर्व का सार है।

आओ आज मना लें, रक्षाबन्धन का त्योहार है।।३।।