ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अभिनंदननाथ

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श्री अभिनंदननाथ भगवान

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जन्मभूमि - अयोध्या (उत्तर प्रदेश)

पिता - महाराज स्वयंवरराज

माता - महारानी सिद्धार्था

वर्ण - क्षत्रिय

वंश - इक्ष्वाकु देहवर्ण-तप्त स्वर्ण सदृश चिन्ह-बंदर

आयु - पचास लाख पूर्व वर्ष

अवगाहना-चौदह सौ हाथ

गर्भ-वैशाख शु. ६

जन्म - माघ शु. १२

तप-माघ शु. १२

दीक्षा-केवलज्ञान वन एवं वृक्ष-सहेतुक वन एवं असन वृक्ष

प्रथम आहार - साकेत नगरी के राजा इन्द्रदत्त द्वारा (खीर)

केवलज्ञान - पौष शु. १४

मोक्ष - वैशाख शु.६

मोक्षस्थल - सम्मेद शिखर पर्वत

समवसरण में गणधर - श्री वज्रनाभि आदि १०३

समवसरण में मुनि - तीन लाख

समवसरण में गणिनी - आर्यिक मेरुषेणा

समवसरण में आर्यिका - तीन लाख तीस हजार छह सौ

समवसरण में श्रावक - तीन लाख

समवसरण में श्राविका - पांच लाख

जिनशासन यक्ष - यक्षेश्वर देव

जिनशासन यक्षी - वज्रश्रृंखला देवी

भगवान अभिनंदननाथ वर्तमान वीर नि.सं. २५३९ से ३९४८९ वर्ष कम, दस लाख करोड़ सागर पहले मोक्ष गए हैं।