Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|

प्रतिदिन पारस चैनल पर 6.00 बजे सुबह देखें पूज्य गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के लाइव प्रवचन

पूज्य गणिनी ज्ञानमती माताजी ससंघ पोदनपुर बोरीवली में विराजमान है।

अभिनंदननाथ

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

श्री अभिनंदननाथ भगवान

Abhi.jpg

जन्मभूमि - अयोध्या (उत्तर प्रदेश)

पिता - महाराज स्वयंवरराज

माता - महारानी सिद्धार्था

वर्ण - क्षत्रिय

वंश - इक्ष्वाकु देहवर्ण-तप्त स्वर्ण सदृश चिन्ह-बंदर

आयु - पचास लाख पूर्व वर्ष

अवगाहना-चौदह सौ हाथ

गर्भ-वैशाख शु. ६

जन्म - माघ शु. १२

तप-माघ शु. १२

दीक्षा-केवलज्ञान वन एवं वृक्ष-सहेतुक वन एवं असन वृक्ष

प्रथम आहार - साकेत नगरी के राजा इन्द्रदत्त द्वारा (खीर)

केवलज्ञान - पौष शु. १४

मोक्ष - वैशाख शु.६

मोक्षस्थल - सम्मेद शिखर पर्वत

समवसरण में गणधर - श्री वज्रनाभि आदि १०३

समवसरण में मुनि - तीन लाख

समवसरण में गणिनी - आर्यिक मेरुषेणा

समवसरण में आर्यिका - तीन लाख तीस हजार छह सौ

समवसरण में श्रावक - तीन लाख

समवसरण में श्राविका - पांच लाख

जिनशासन यक्ष - यक्षेश्वर देव

जिनशासन यक्षी - वज्रश्रृंखला देवी

भगवान अभिनंदननाथ वर्तमान वीर नि.सं. २५३९ से ३९४८९ वर्ष कम, दस लाख करोड़ सागर पहले मोक्ष गए हैं।