Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


डिप्लोमा इन जैनोलोजी कोर्स का अध्ययन परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक प्रतिदिन पारस चैनल के माध्यम से कराया जा रहा है, अतः आप सभी अध्ययन हेतु सुबह 6 से 7 बजे तक पारस चैनल अवश्य देखें|

१८ अप्रैल से २३ अप्रैल तक मांगीतुंगी सिद्धक्ष्रेत्र ऋषभदेव पुरम में इन्द्रध्वज मंडल विधान आयोजित किया गया है |

२५ अप्रैल प्रातः ६:४० से पारस चैनल पर पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार प्रसारित होगा |

अभिनन्दननाथ

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अभिनन्दननाथ
Name of the 4th Tirthankar (Jaina-Lord). वर्तमान के चौथे तीर्थंकर का नाम.आप महाराजा स्वयंवराज एवं महारानी सिद्धार्था के पुता थे .आपका जन्म माघ शु.१२ एवं मोक्ष वैशाख शु. ६ को हुआ .आपका वर्ण-क्षत्रिय,वंश-इक्ष्वाकु ,देहवर्ण-तप्त स्वर्ण सदृश,चिन्ह-बन्दर एवं आयु ५० लाख पूर्व वर्ष थी.आपकी जन्मभूमि अयोध्या (उ.प्र.)है