ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.png
Whatsappicon.png
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें |


पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर २०१६- रविवार से सीधा प्रसारण चल रहा है | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

अभिनन्दननाथ

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अभिनन्दननाथ
Name of the 4th Tirthankar (Jaina-Lord). वर्तमान के चौथे तीर्थंकर का नाम.आप महाराजा स्वयंवराज एवं महारानी सिद्धार्था के पुता थे .आपका जन्म माघ शु.१२ एवं मोक्ष वैशाख शु. ६ को हुआ .आपका वर्ण-क्षत्रिय,वंश-इक्ष्वाकु ,देहवर्ण-तप्त स्वर्ण सदृश,चिन्ह-बन्दर एवं आयु ५० लाख पूर्व वर्ष थी.आपकी जन्मभूमि अयोध्या (उ.प्र.)है