ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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पू. ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान (२१ सितम्बर से २८ सितम्बर २०१७ तक) प्रारंभ हो गया है|

अभिनन्दननाथ

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अभिनन्दननाथ
Name of the 4th Tirthankar (Jaina-Lord). वर्तमान के चौथे तीर्थंकर का नाम.आप महाराजा स्वयंवराज एवं महारानी सिद्धार्था के पुता थे .आपका जन्म माघ शु.१२ एवं मोक्ष वैशाख शु. ६ को हुआ .आपका वर्ण-क्षत्रिय,वंश-इक्ष्वाकु ,देहवर्ण-तप्त स्वर्ण सदृश,चिन्ह-बन्दर एवं आयु ५० लाख पूर्व वर्ष थी.आपकी जन्मभूमि अयोध्या (उ.प्र.)है