Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ मांगीतुंगी के (ऋषभदेव पुरम्) में विराजमान हैं |

अभ्यन्तरोपधि व्यत्सर्ग

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अभ्यन्तरोपधि व्यत्सर्ग
Renunciation of internal belongings as anger, passion etc. मिथ्यात्व,क्रोधादि ४ कषाय एवं नो कषाय कुल १४ प्रकार से अभ्यंतर परिग्रह का त्याग।