ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं शक्तितस्त्याग भावनायै नमः"

अरटाल अतिशय क्षेत्र

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अरटाल अतिशय क्षेत्र

(ऋषभदेशना पत्रिका से साभार)

कर्नाटक हावेरी जिले में स्थित अरटाल ग्राम का पूरा नाम अरटावली था। हावेरी से अरटाल ग्राम करीब ५१ किमी. दूर है। अरटाल अतिशय क्षेत्र में विराजमान १००८ श्री पाश्र्वनाथ भगवान की प्रतिमा अतिशययुक्त है। मंदिर की प्राचीनता- वहाँ विद्यमान शिलालेख के अनुसार सन् १०४५ में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। आज भी यह मंदिर और मूलनायक प्रतिमा एवं अन्य प्रतिमाएँ सुरक्षित हैं।

प्राचीन इतिहास के अनुसार यह क्षेत्र तपस्वियों की तपोभूमि रहा है। अभी कुछ वर्षों से पाश्र्वनाथ भगवान की मनोज्ञ प्रतिमा के मस्तक से सुगंधित जल झरने लगा है। अब यह आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा है। मूर्ति इतनी मनोज्ञ है कि दर्शनार्थी मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। क्षेत्र उन्नति की ओर अग्रसर है।