वीर निर्वाण संवत 2544 सभी के लिए मंगलमयी हो - इन्साइक्लोपीडिया टीम

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22 अक्टूबर को मुंबई महानगर पोदनपुर से पू॰ गणिनी ज्ञानमती माताजी का मंगल विहार मांगीतुंगी की ओर हो रहा है|

अर्घ

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अर्घ
Auspicious offerings (as rice etc) for Jaina - Lord. अनर्घ पद प्राप्ति के लिए अरहंत भगवान् के चरणों मर चढाई गई अष्टद्रव्य रूप पूजन सामग्री ।