Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ मांगीतुंगी के (ऋषभदेव पुरम्) में विराजमान हैं |

अर्थपर्याय

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अर्थपर्याय
Indistinct mode, Deterioration of virtues. गुणों के विकार को अर्थपर्याय कहते हैं ।