ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अर्थव्यंजन पर्याय नैगमाभास

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अर्थव्यंजन पर्याय नेगमाभास
Apprehension of figurative purport (meaning) of distinct and indistinct modes. धर्मात्मा पुरूष में सुख व जीएवनपाने अथवा गुण व गुणी का सर्वथा भेद मानना ।