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२७ अप्रैल से २९ अप्रैल तक ऋषभदेवपुरम् मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र में लघु पंचकल्याणक प्रतिष्ठा आयोजित की गई है |

२५ अप्रैल प्रातः ६:४० से प्रतिदिन पारस चैनल पर पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार प्रसारित होगा |

अविद्या :

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अविद्या :

यावन्तोऽविद्यापुरुषा:, सर्वे ते दु:खसम्भवा:।

लुप्यन्ते बहुशो मूढा:, संसारेऽनन्तके।।

—समणसुत्त : ५८८

समस्त अविद्यावान (अज्ञानी पुरुष) दु:खी हैं—दु:ख के उत्पादक हैं। वे विवेक—मूढ़ अनन्त संसार में बार—बार लुप्त होते हैं।