ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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प्रथामाचार्य श्री शांतिसागर महाराज की प्राचीन शिष्या परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के ससंघ सानिध्य में मुंबई के जैनम हाँल में दशलक्षण पर्व के शुभ अवसर पर 24 कल्पद्रुम महामंडल विधान का आयोजन धूमधाम से मनाया जायेगा|सभी महानुभाव विधान का लाभ लेकर पुण्य लाभ अर्जित करें|
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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 24 और 25 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं वैय्यावृत्त्यकरण भावनायै नमः"

अष्टापद

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अष्टापद
A wild animal, The place of salvation of Lord Rishabhadev, A place of pilgrimage developed in Badrinath as the salvation place of Lord Rishabhdev.

एक पशु का नाम,भगवान आदिनाथ की निर्वाण स्थली इसे कैलाश पर्वत भी कहते हैं। बींसवीं शताब्दी में दिगंबर जैन समाज के कतिपय विशिष्ट कार्यकर्ताओं द्वारा बद्रीनाथ में भगवान रिषभदेव की निर्वाणस्थली के नाम से विक्सित किया गया एक तीर्थ ।