ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

अहिंसा-

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अहिंसा-
अहिंसा का व्यापार बाहर व भीतर दोनों ओर होता है। बाहर में तो किसी भीर छोटे या बडे नीव को अपने मन से या वचन से या काय से किसी प्रकार की भी हीन या अधिक पीडा न पहुँचाना तथा उसका दिल न दुखाना अहिंसा है, और अन्तरंग में रागद्वेष परिणामों से निवृत्त होकर साम्यभाव में स्थित होना अहिंसा है।