ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के द्वारा अागमोक्त मंगल प्रवचन एवं मुंबई चातुर्मास में हो रहे विविध कार्यक्रम के दृश्य प्रतिदिन देखे - पारस चैनल पर प्रातः 6 बजे से 7 बजे (सीधा प्रसारण)एवं रात्रि 9 से 9:20 बजे तक|

अहिच्छत्र जी तीरथ का

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अहिच्छत्र जी तीरथ का

तर्ज-जय जय माँ ज्ञानमती...........

DSC 77550.jpg

अहिच्छत्र जी तीरथ का, इतिहास पुराना है।
उन पार्श्व जिनेश्वर का, संदेश सुनाना है।।
जहाँ जैनी संस्कृति का, भण्डार भरा सचमुच।
उपसर्ग की वह घटना, स्मरण कराती युग।।
उस तीरथ की रजकण, मस्तक पे लगाना है।
अहिच्छत्र.................................।।१।।
यह तीर्थक्षेत्र पावन, कण-कण इसका पूजित।
वंदना इसका करके, मन होता है प्रमुदित।।
पारस की जय करके, अब पुण्य कमाना है।
अहिच्छत्र................................।।२।।
सुर नर वंदित तीरथ, प्राचीन ये प्रतिमा है।
दुनिया में बढ़ी है अब, इसकी गुण गरिमा है।।
संदेश अहिंसा का, सबको पहुँचाना है।
अहिच्छत्र............................।।३।।
गणिनी माँ ज्ञानमती की सम्प्रेरणा मिली।
‘‘चन्दनामती’’ प्रभु के, उत्सव की ज्योति जली।।
इसलिए सभी मिलकर गौरव को बढ़ाना है।
अहिच्छत्र.................................।।४।।

8974.jpg