Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ का मंगल चातुर्मास टिकैतनगर-बाराबंकी में चल रहा है, दर्शन कर लाभ लेवें |

पारस चैनल पर प्रातः ६ से ७ बजे तक देखें जिनाभिषेक एवं शांतिधारा पुन: ज्ञानमती माताजी - चंदनामती माताजी के प्रवचन ।

अहिच्छत्र जी तीरथ का, इतिहास पुराना है

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


भजन

DSC 77550.jpg
तर्ज-जय जय माँ ज्ञानमती...........

अहिच्छत्र जी तीरथ का, इतिहास पुराना है।
वहाँ पार्श्व जिनेश्वर का, अभिषेक कराना है।।
जहाँ जैनी संस्कृति का, भण्डार भरा सचमुच।
उपसर्ग की जो घटना, स्मरण कराती युग।।
उस तीरथ की रजकण, मस्तक पे लगाना है।
अहिच्छत्र.................................।।१।।

यह तीर्थक्षेत्र पावन, कण-कण इसका पूजित।
वंदन इसका करके, मन होता है प्रमुदित।।
पारस की जय करके, अब पुण्य कमाना है।
अहिच्छत्र................................।।२।।

गणिनी माँ ज्ञानमती की सम्प्रेरणा मिली।
‘‘चन्दनामती’’ प्रभु के, उत्सव की ज्योति जली।।
सब मिलकर तीरथ के गौरव को बढ़ाना है।
अहिच्छत्र.................................।।३।।

सुर नर वंदित तीरथ, प्राचीन ये प्रतिमा है।
दुनिया में बढ़ेगी अब, इसकी गुण गरिमा है।।
संदेश अहिंसा का, सबको पहुँचाना है।
अहिच्छत्र............................।।४।।