ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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अ.भा. दि. जैन युवा परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन सानंद सम्पन्न

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अ.भा. दि. जैन युवा परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन सानंद सम्पन्न

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जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर में परमपूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के सान्निध्य में अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन दिनाँक ११ जनवरी २०१४ को सानंद सम्पन्न हुआ। यह अधिवेशन प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी एवं कर्मयोगी पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के विशेष मार्गदर्शन में सम्पन्न किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जीवन प्रकाश जैन ने की। मुख्यरूप से इस अधिवेशन में मानद् संरक्षक श्री मनोज जैन-मेरठ, श्री राकेश जैन-मेरठ, श्री सतीशचंद जैन-सरधना, उपाध्यक्ष-इंजी. श्री गुणसागर जैन-दिल्ली, मंत्री-श्री विजय जैन-जम्बूद्वीप, सदस्य-श्री सुधांशू जैन-सरधना तथा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री-श्री उदयभान जैन, श्री दिलीप जैन-जयपुर, सदस्य-श्री सतीश जैन-माधोराजपुरा तथा अन्य शाखाओं में एटा शाखा के अध्यक्ष-श्री वसु जैन, चिनहट-लखनऊ शाखा के महामंत्री-श्री मुकुल जैन, सरधना शाखा के श्री सागर जैन, श्री मुकेश जैन-सरधना तथा पूर्व संगठन मंत्री प्रतिष्ठाचार्य पं. नरेश जैन-जम्बूद्वीप आदि अनेक महानुभाव उपस्थित हुए।

अधिवेशन का शुभारंभ पूज्य स्वामी जी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रतिष्ठाचार्य पं. दीपक उपाध्याय-सांगली (महा.) व केन्द्रीय पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया तथा पश्चात् सभी ने पूज्य माताजी एवं स्वामी जी को श्रीफल समर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रो. टीकमचंद जैन-दिल्ली ने मंगलाचरण किया, जिसके पश्चात् केन्द्रीय पदाधिकारियों व विभिन्न शाखाओं से पधारे पदाधिकारियों ने युवा परिषद के उत्थान हेतु नई योजनाओं के साथ अपनी-अपनी शाखाओं के द्वारा किये गये कार्यों का प्रगति ब्यौरा भी प्रस्तुत किया।

विशेषरूप से राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्री उदयभान जैन ने कहा कि सम्पूर्ण राजस्थान प्रदेश में युवा परिषद की लगभग २०० शाखाएँ कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से हेल्थ वैम्प व धर्म प्रचार-प्रसार के अनेकानेक कार्यक्रम समय-समय पर सम्पन्न हो रहे हैं। इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश के महामंत्री श्री दिलीप जैन ने भी युवा परिषद की प्रगति हेतु चर्चा करते हुए राष्ट्रीय स्तर की नई योजनाओं को संचालित करने हेतु अपने विचार व्यक्त किये। सभा में मानद् संरक्षक श्री मनोज जैन-मेरठ ने युवा शक्ति के सदुपयोग की महती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान में युवाआेंं को जागरूक होकर समाज एवं धर्म के विकास में कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय मंत्री श्री विजय जैन ने दिल्ली में बनी नई सरकार का हवाला देते हुए युवाओं की संगठन शक्ति का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि युवा जो चाहे देश व समाज में कर सकता है अत: हम सबको संगठित होकर धर्म और समाज के विकास हेतु आगे आने की आवश्यकता है। इसी क्रम में एटा शाखा के वसु जैन, चिनहट शाखा के मुकुल जैन, सरधना शाखा के सागर जैन आदि विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों ने मंच पर अपनी-अपनी शाखा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करके युवाओं को युवा परिषद से जुड़ने का आह्वान किया। सभा में अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जीवन प्रकाश जैन ने बताया कि वर्तमान में युवाओं की भूमिका देश और समाज के विकास हेतु महत्वपूर्ण हो चुकी है क्योंकि चाहे समाज में साधुओं की संख्या होवे या विद्वानों की संख्या होवे या अन्य कोई समाज सेवा के क्षेत्र होवे, सभी में युवाओं का प्रतिशत सर्वाधिक प्राप्त होता है अत: आज जैनधर्म की प्रभावना एवं समाज-सेवा के कार्यों में युवाओं को बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए और युवा परिषद के माध्यम से समाजसेवा का राष्ट्रीय स्तर पर बहुमूल्य अवसर प्राप्त करना चाहिए।

कार्यक्रम में पूज्य स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामी जी ने सज्जातित्व का महत्व बताकर अपनी-अपनी जाति के अनुरूप विवाह-संबंध करने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने कहा कि जब तक खानपान-खानदान की शुद्धि रहेगी, तब तक धर्म की मर्यादा एवं इसकी प्रभावना दिग्दिगंत व्यापी बनेगी। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान में युवक-युवतियों के वैवाहिक संबंध विजातीय व अंतरजातीय होने लगे हैं। इससे धर्म की परम्परा सुरक्षित नहीं रह सकती, अत: आज युवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे जैनधर्म में बताये गये सज्जातित्व के सिद्धान्त को समझकर खानदान की शुद्धि को तथा खाने-पीने की मर्यादा को रखकर खानपान की शुद्धि को बनाने का प्रयास अवश्य करें। उन्होंने इस दिशा में युवा परिषद को भी सज्जातिय विवाह सम्मेलन आदि आयोजित करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में पूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी व पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी ने समस्त युवा परिषद के लिए अपना मंगलमयी आशीर्वाद प्रदान किया और धार्मिक क्रियाकलापों के माध्यम से युवा वर्ग अपनी संस्कृति को सम्मुन्नत करते हुए अपने जीवन को, घर-परिवार को व समाज को भी सुसंस्कारित बनाने में योगदान देवें, ऐसी प्रेरणा प्रदान की।

-विजय कुमार जैन, मंत्री-युवा परिषद