ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.png
Whatsappicon.png
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें |


पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर २०१६- रविवार से सीधा प्रसारण चल रहा है | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

आओ रे आओ रे, सब मिल के आओ

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

[सम्पादन]
आओ रे आओ रे सब मिल के आओ

DSC 77550.jpg

तर्ज कान्ची हो कान्ची रे........

आओ रे आओ रे सब मिल के आओ, प्रभु जी का उत्सव मनाओ रे।

हो...........
गाओ रे गाओ रे सब मिलके गाओ, पुष्पदंतनाथ गुण गाओ रे।।
हो......।।टेक.।।
नवमें तीर्थेश जो जगत् ईश हैं, पुष्पदंत प्रभु का मस्तकाभिषेक है।
स्वर्ण कलश हाथ में, लेके सबको साथ में,
जिनवर पे कलशा ढुराओ रे.......हो....ओ.....।।आओ रे.।।१।।
नीर क्षीर धार कैसी मनोहारी है, इनसे प्रभु की छवि लगती प्यारी-प्यारी है।
देखो वीतराग छवी, इनकी करो भक्ति सभी,
जय जय से नभ को गुंजाओ रे.....हो....ओ....।।आओ रे.।।२।।
केशर से केशरियानाथ बन गये, ‘‘चंदनामती’’ ये तीर्थनाथ बन गये।
होली खेलो संग में, प्रभु के भक्ति रंग में,

रंग गुलाल उड़ाओ रे........हो.........ओ.......।।आओ रे.।।३।।

BYS 200x225.jpg