ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्ज एप पर मेसेज करें|

पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी के द्वारा अागमोक्त मंगल प्रवचन एवं मुंबई चातुर्मास में हो रहे विविध कार्यक्रम के दृश्य प्रतिदिन देखे - पारस चैनल पर प्रातः 6 बजे से 7 बजे (सीधा प्रसारण)एवं रात्रि 9 से 9:20 बजे तक|

आचार्यश्री के उपवासों का विवरण

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


ऐतिहासिक तप: साधना-आचार्यश्री के साढ़े २५ वर्षों से भी अधिक दिन के उपवासों का विवरण

उपवासों की संख्या कितनी बार उपवास के कुल दिन
१) १६ दिन का ३ बार ४८
२) १० दिन का १ बार १०
३) ९ दिन का ६ बार ५४
४) ८ दिन का ७ बार ५६
५) ७ दिन का ६ बार ४२
६) ६ दिन का ६ बार ३६
७) ५ दिन का ६ बार ३०
८) ४ दिन का ६ बार २४
९) अंतिम ३६ दिन तक के उपवास में स्वर्गवास १ बार ३६
- - योग-३३६ दिन
व्रत नाम उपवासों की संख्या
१. चारित्रशुद्धि व्रत १२३४
२. तीस चौबीसी व्रत ७२०
३. कर्मदहन व्रत (तीन बार) ४६८
४. सिंहनिष्क्रीड़ित व्रत (तीन बार) २७०
५. सोलहकारण व्रत (१६/१६) २५६
६. श्रुतपंचमी व्रत ३६
७. विहरमान व्रत (२० तीर्थंकर व्रत) २०
८. दशलक्षण पर्व १०
९. सिद्धों के व्रत (८)
१०. अष्टाह्निका व्रत
११. गणधरों के व्रतगणधरों के १४५२ उपवास होते हैं। आचार्य श्री २०० ही कर पाये थे २००
अतिरिक्त व्रत ६३७२
- योग ९६०२