ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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आचार्यश्री शान्तिसागरमहाराज

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स्वस्ति श्री मूलसंघ में कुन्द्कुंदाम्नाय, सरस्वती गच्छ, बलात्कार गण में बीसवीं शताब्दी में प्रथम दिगंबर जैन आचार्य-चारित्र चक्रवर्ती श्री शांतिसागर जी महाराज हुए हैं।जिनका संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत है-

शान्तिसागर

जन्म- आषाढ़ बदी ६ , सन् १८७२
निवास स्थान -भोजग्राम (जिला-बेलगाँव) कर्नाटक
नाम-सातगौंडा पाटिल
माता-पिता -माता-सत्यवती,पिता-भीमगौंडा पाटिल
क्षुल्लक दीक्षा -जेष्ट शु० १३ सन् १९१४
ग्राम -उत्तूर(जि.कोल्हापुर) महाराष्ट्र
दीक्षा गुरु -मुनि १०८ श्री देवेन्द्रकीर्ति जी महाराज
ऐलक दीक्षा-सन् १९१७ गिरनार क्षेत्र,स्वयं भगवान के चरण सानिध्य में
मुनि दीक्षा-फाल्गुन शु १४ सन् १९२०
ग्राम -येरनाल(जिला-बेलगांव) कर्नाटक
दीक्षा गुरु -मुनि श्री १०८ देवेन्द्रकीर्ति जी महाराज
आचार्य पद-आश्विन शु० ११ सन् १९२४
ग्राम-समडोली (जिला-सांगली-महाराष्ट्र)