आज दीवाली आई है

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आज दीवाली आई है


तर्ज—चाँद मेरे आ जा रे......

Yy21.jpg



(दीपावली पर्व के शुभ अवसर पर गाने वाला भजन)

आज दीवाली आई है,
सारे जहाँ ने दीपक जलाकर खुशियाँ मनाई हैं।। आज......।। टेक.।।

कार्तिक कृष्णा मावस को पावापुरि के उपवन में।
निर्वाण धाम को पाया, महावीर वीर प्रभुवर ने।।
आज दीवाली आई है।।१।।

पच्चिस सौ वर्षों से वह, सरवर भी लहर रहा है।
कमलों से युत सरवर बिच, प्रभु मंदिर महक रहा है।।
आज दीवाली आई है।।२।।

महावीर मोक्ष में पहुँचे, गौतम हुए केवलज्ञानी।
गणधर गणेश कहलाए, लक्ष्मी कैवल्य की मानी।।
आज दीवाली आई है।।३।।

अगणित दीपों को जलाकर, तुम खुशियाँ खूब मनाओ।
‘चंदनामती’ निज आतम, में ज्ञान की ज्योति जलाओ।।
आज दीवाली आई है।।४।।

Xcz9.jpg