Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


खुशखबरी ! पू० श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ कतारगाँव में भगवान आदिनाथ मंदिर के प्रांंगण में विराजमान हैं|

आत्मप्रत्यक्ष

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आत्मप्रत्यक्ष
Self perception by the soul i.e. introspection. आत्म तत्व रूपादि से रहित होने के कारण इन्द्रिय से दिखाई देने वाला नहीं है वह स्वयंगोचर होने वाला एंव आत्मप्रत्यक्ष है।