Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ मांगीतुंगी के (ऋषभदेव पुरम्) में विराजमान हैं |

आत्मप्रवाद

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आत्मप्रवाद
A type of scriptural knowledge (shrutgyan). 14 पूर्वों में 7 वां पूर्व जिसमें आत्म द्रव्य का विस्तार से विवेचन है इसके 26 करोड़ पद हैं।