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डिप्लोमा इन जैनोलोजी कोर्स का अध्ययन परमपूज्य प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी द्वारा प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक प्रतिदिन पारस चैनल के माध्यम से कराया जा रहा है, अतः आप सभी अध्ययन हेतु सुबह 6 से 7 बजे तक पारस चैनल अवश्य देखें|

१८ अप्रैल से २३ अप्रैल तक मांगीतुंगी सिद्धक्ष्रेत्र ऋषभदेव पुरम में इन्द्रध्वज मंडल विधान आयोजित किया गया है |

२५ अप्रैल प्रातः ६:४० से पारस चैनल पर पूज्य श्री ज्ञानमती माताजी के द्वारा षट्खण्डागम ग्रंथ का सार प्रसारित होगा |

आत्मशक्ति :

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आत्मशक्ति :

तारा नक्षत्र ग्रह चंद्रनी, ज्योति दिनेष मोसार रे।

दर्शन—ज्ञान—चरण थकी, शक्ति निजताम धार रे।।

—आनंदघन ग्रंथावली १५३

जिस प्रकार सूर्य में तारों, नक्षत्रों, ग्रहों और चंद्रमा की ज्योति अन्तर्भूत हो जाती है, उसी तरह आत्मा में भी दर्शन—ज्ञान—चारित्र गुण की शक्ति अन्र्तिनहित है।