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पू० गणिनी श्रीज्ञानमती माताजी ससंघ मांगीतुंगी के (ऋषभदेव पुरम्) में विराजमान हैं |

आदिब्रह्मा-

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आदिब्रह्मा के विषय में
प्रकाशक दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर
लेखक गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी
पुस्तक के विषय में वी. नि. सं. २५०७, सन् १९८१ में यह पुस्तक लिखी गयी। जैन संस्कृति के वर्तमान चौबीस तीर्थंकरों में प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का चरित्र संक्षेप में दिया गया है।
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