ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.png
Whatsappicon.png
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें |


पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर २०१६- रविवार से सीधा प्रसारण चल रहा है | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

आपके रसोईघर का वास्तु

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


[सम्पादन]
आपके रसोईघर का वास्तु

मकान के महत्वपूर्ण अंग रसोईघर का निर्माण कैसा हो तथा रसोईघर में सामान को कहां—कहां किस दिशा में रखा जाए आदि जानकारी दे रहे हैं, जो आप सभी के लिए उपयोगी होगी।

  1. रसोईघर का प्रवेशद्वार दक्षिण दिशा में नहीं बनाना चाहिए, शेष तीन दिशाओं में बनाया जा सकता है।
  2. रसोई बनाने वालों का मुख पूर्व में होना चाहिए।
  3. रसोईघर की उत्तर दिशा में धान्य के वजनदार डिब्बे आदि नहीं रखने चाहिए।
  4. हाथ धोने का स्थान ईशान कोण में होना चाहिए ।
  5. भोजन बनाने वाली महिला को भोजन बनाने वाले स्थान पर ही बैठकर कभी भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से घर की ऋद्धि-सिद्धि का नाश होता है।
  6. रसोईघर के ठीक सामने शौचालय नहीं होना चाहिए।
  7. भोजन करते समय पूर्व अथवा उत्तर में मुख करके भोजन करना चाहिए। दक्षिण में मुख करके भोजन नहीं करना चाहिए।
  8. पानी पूर्व या पश्चिम दिशा में मुख करके ही पीना चाहिए। खड़े — खड़े ऊपर मुख करके लोटे या ग्लास से मुख में जल डालकर पानी नहीं पीना चाहिए।