ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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आपके हाथों में हैं परिवार के स्वास्थ्य की चाभी

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आपके हाथों में है परिवार के स्वास्थ्य की चाभी

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दिन की शुरुआत से लेकर दिन ढलने तक हमारी शारीरिक क्रियाएंं बदलती रहती है | सूर्योदय से दोपहर तक हमारी पाचन शक्ति तीव्र रहती है | बाद में जैसे जैसे दिन ढलता है | सूर्यास्त होता है वैसे वैसे शरीर के अंग आराम चाहतें है | पाचक रस भी मंद होने लगता है | इसीलिए तो पुराने समय के लोग सूर्यास्त तक रात्रि भोजन भी कर लिया करते हैंं | सोते समय खाने से रक्त को ऑक्सीजन कम मिलती है | जिससे ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाता है | आपके हाथों में है परिवार के स्वास्थ्य की चाभी, वैसे तो हमारे स्वास्थ्य की चाभी तो हमारे हाथ में होती है |फिर भी पूरे परिवार की तंदरुस्ती का आधार घर की स्त्री पर निर्भर करता है अगर वो घर के बुजुर्गो से लेकर बच्चो तक में पौष्टिक आहार खाने की आदत डालती है तो शारीरिक स्वस्थता के साथ साथ उम्र भी बढती है|
सामान्य रूप से आज की लाइफ स्टाइल ऐसी हो गई है की हम क्या खा रहे है उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हमें कोल्डड्रिंक , पिज्जा , सैंडविच, पकौड़े, तली हुई चीजे ज्यादा पसंद आती है | कही पार्टी का निमंत्रण हो तब भी हमें ऐसी ही चीजे पसंद आती है .जबकि ऐसी जगह पर सलाद ,जूस ,सूप ,नीबू पानी ,पुलाव ,सब्जियां रायता आदि भी होता है.
 जैसे जैसे लोगो के मन में स्वस्थ्य के प्रति जागरूकता आती जा रही है वैसे वैसे लोग डायवटीज़ के नाम पर कुछ लोग भोजन के नाम पर उबला हुवा खाना खाते है.पर वास्तव में ऐसे भोजन का क्या फायदा जो न तो हमें स्वाद दे और न ही संतुष्टी. हमारे भोजन का सम्बन्ध हमारे शरीर के साथ साथ मस्तिस्क से भी जुड़ा हुवा है इसलिए अगर हमें भोजन से आनंद और संतुष॒टी नहीं मिलेगी तो मानसिक तनाव पैदा होगा जिसका विपरीत असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ेगा.महिलाओ को चाहिए की वह अपने घर में सभी सदस्यो को दिन में एक बार फ्रेश फ्रूट खाने की आदत डाले.खाने में जिस तरह से क्या खाना चाहिए का महत्त्व है उसी तरह कब,कैसे और किस स्थिति में क्या खाना चाहिए,जैसी बातों का भी महत्त्व है अगर समय पर भोजन नहीं किया जाये तो बदहजमी,गैस एसिडिटी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है क्योंकि आहार के साथ हमारी पाचन क्रिया का संबंद है|