Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|

प्रतिदिन पारस चैनल पर 6.00 बजे सुबह देखें पूज्य गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के लाइव प्रवचन

पूज्य गणिनी ज्ञानमती माताजी ससंघ पोदनपुर बोरीवली में विराजमान है।

आर्यिकारत्न श्री अभयमती माताजी की आरती

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


आर्यिकारत्न श्री अभयमती माताजी की आरती

लेखिका - ब्र कु॰ : इन्दु जैन (संघस्थ)
अभयमती माताजी की हम करें आरती आज.

रत्नमयी दीपक ले आए शरणा तेरी आज ।।
हो माता हम सब उतारें तेरी आरती - 2 ।। टेक. ।।

पितु श्री छोटेलाल मोहिनी माँ से जन्म लिया है.
ज्ञानमती माता सम भगिनी. का वात्सल्य मिला है ।
माता.................।।1।।
गणिनीप्रमुख ज्ञानमती माताजी के पाकर दर्शन
मिली प्रेरणा त्याग मार्ग की ओर बढ़ाया जीवन ।
माता.................।।2।।
उत्रिस सौ चौंसठ में माताजी से पाकर दीक्षा.
बनी ' क्षुल्लिका अभयमती. देती जन-जन को शिक्षा ।
माता.................।।3।।
उविस सौ उन्हत्तर में श्री महावीर जी तीरथ.
धर्मसिंधु से बनीं आर्यिका. फैलाई जिन कीरत ।
माता.................।।4।।
कुछ दिन गुरा संग रहीं. पुन: चल दी बुन्देलखण्ड की
सार्थक कर निज नाम. दिखाया नई दिशा फिर सबको ।
माता......................।।5।।
ग्रंथ रचयित्री. चारित्र में दृढ. हे चारित्र श्रमणि माँ.
मुक्ति सुपथ की आश लेकर, 'इन्दु' नमे तुम चरणा । ।
माता.................।।6।।