ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

Whatsappicon.png
Whatsappicon.png
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें |


पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा देश के समस्त जैन विद्वानों के लिए विशेष सैद्धांतिक विषयों पर ऋषभगिरि-मांगीतुंगी से विद्वत प्रशिक्षण शिविर का पारस चैनल पर ४ दिसंबर, रविवार से ११ दिसंबर २०१६, रविवार तक प्रातः ६ बजे से ७ बजे तक सीधा प्रसारण होगा | घर बैठे देखकर अवश्य ज्ञान लाभ लें |

आर्यिका १०५ श्री विशदमती माताजी

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

[सम्पादन] आर्यिका श्री अमूर्तमती माताजी का संक्षिप्त-परिचय

पुर्व नाम - श्रीमति प्रमिलाबेन जी

माता - श्रीमति इच्छाबेन जी

पिता - श्री कान्तिलाल जी

आजीवनब्रह्मचर्य व्रत - भाव नगर मे, आचार्य विराग सागर जी से

प्रतिमा व्रत - , २ प्रतिमा व्रत श्रवणबेलगोला मे आचार्य श्री १०८ वर्धमान सागर जी से

क्षुल्लिका दीक्षा - सन् २०१०,कुन्थलगिरी मे, ( आर्यिका श्री प्रशान्तमति माता जी से)

आर्यिका दीक्षा - , २९।०४।२०१५ , किशनगढ़ मे आचार्य श्री १०८ वर्धमान सागर जी से