ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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आलुंच्छन

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आलुंच्छन
A form of self criticism. आलोचना के 4 स्वरूपों में एक भेद- कर्मरूपी वृक्ष का मूल छेदने में समर्थ ऐसा समभावरूप स्वाधीन निज परिणाम।