Whatsappicon.jpg
Whatsappicon.jpg
ज्ञानमती नेटवर्क से जुड़ने के लिये ADD ME < मोबाइल नं.> लिखकर +91 7599002108 पर व्हाट्सएप पर मेसेज करें|


डिप्लोमा इन जैनोलोजी के फॉर्म भरने की अंतिम तारीख ३१ जनवरी २०१८ है |

आस्रव त्रिभंगी-

ENCYCLOPEDIA से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

आस्रव त्रिभंगी- कवर पेज

आस्रव त्रिभंगी के विषय में
प्रकाशक दिगम्बर जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप-हस्तिनापुर
लेखक गणिनीप्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी
पुस्तक के विषय में पाँच ाqमथ्यात्व आदि से आस्रव के ५७ भेद हैं। इन्हें चौदह गुणस्थान और मार्गणाओं में घटाया है और चार्ट भी दिये गये हैं। यह श्री श्रुतमुुनि की रचना है। माताजी ने सन् १९७३ में इसका अनुवाद किया है।
पुस्तक पढने के लिए यहाँ क्लिक करें