ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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आहार और औषधि के रूप में मैथी दाना

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आहार और औषधि के रूप में मेथी दाना

मेथी दाना एक पौष्टिक खाद्य, स्फूर्तिप्रदायक एवं रक्त शोधक टॉनिक है। मेथीदाना पाचन क्रिया में लाभदायक है। मेथी की चाय तेज बुखार में राहत देती है ताजी मेथी के बने पेस्ट को लगाने से मुहाँसे दूर होते हैं एवं फोड़े—फुन्सी पर पुल्टिश बाँधने से लाभ होता है। मेथी के ताजे पत्तों को पीसकर सिर पर लगाने से बाल मुलायम होते हैं। रात को सोने के पूर्व पत्तों का पेस्ट चेहरे पर लगाने से चेहरे का रंग साफ होता है।

मेथी में फॉस्फोरस, लेसोटिन एवं एलबुमिन, आयरन व कैल्सियम पाया जाता है। मेथी में कैल्सियम के कारण इसके सेवन से महिलाओं के स्तन में दूध की मात्रा बढ़ती है। मेथी के प्रयोग से गले की खरास भी दूर होती है एवं मेथी से तैयार काफी में केफीन के हानिकारक प्रभाव नहीं होते हैं जिस प्रकार हम फ्लश सिस्टम को लेट्रीन ब्रुश से रगड़कर साफ करते हैं ठीक उसी प्रकार मेथीदाना हमारे पेट में जाकर गलेगा, फूलेगा एवं चिकनाई के कारण हमारे पेट की आँतों को रगड़—रगड़कर जमे हुए मल को निकालेगा एवं मल गुठलियाँ भी नहीं बनने देगा। मेथी दाना हमारे पेट को साफ करके कब्ज को दूर करेगा। मेथीदाना हमारे शरीर के अन्दर के किसी भी भाग की टूटी हुई हड्डी तक को जोड़ने की सामर्थ्य रखता है एवं हाथ—पैर के एक—एक जोड़ ठीक करता है। मेथीदाना का नित्य प्रतिदिन सेवन करने वाले व्यक्ति के पास सौ साल तक भी निम्न प्रकार के रोग नहीं होंगे| लकवा, पोलियो, निम्न एवं उच्च रक्तचाप, शुगर, गठियावात, गैस की बीमारी, हड्डी के बुखार, बवासीर एवं जोड़ों का दर्द इत्यादि ।

बादी में मेथी का प्रयोग — तेल मूंगफली, सरसों या खोपरे का जितना तेल लें उसका चौथाई उसमें मेथीदाना मिलाकर कढ़ाई में डालकर आग के ऊपर गर्म करें मेथीदाने काले हो जाने पर उसे नीचे उतार लें। मेथीदाना बाहर निकालकर तेल को छानकर रखें। इस तेल की नियमित मालिश करने से शरीर की बादी में बहुत लाभ होगा।

सेवन विधि — रात को ठीक सोने से पहले एक चाय का चम्मच (मीडियम साइज) कच्चा साबुत मेथीदाना मुँह में रखकर पानी से निगल जाइये ठीक उसी प्रकार सुबह शौच आदि स्नान, मंजन से निपटकर पुन: एक चम्मच मेथी का प्रयोग करें इसके बाद अपने दैनिक कार्य करें। मेथीदाना अन्न नहीं होता। आज से ही मेथीदाना का सेवन कीजिये। साथ ही साथ मेथी की भाजी, मेथीदाने की सब्जी, दाल मेथी, दही वाली मेथी, पापड मेथी, हरी मेथी की दाल, भाजी की रोटी व कच्ची मेथी का सलाद खाइये एवं हर साग—सब्जी में मेथी के बघार को छौंक लगाकर स्वाद बढ़ाइये।