ऊँ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नम:।

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इस मंत्र की जाप्य दो दिन 16 और 17 तारीख को करे |

सोलहकारण व्रत की जाप्य - "ऊँ ह्रीं अर्हं संवेग भावनायै नमः"

आहार देते समय ध्यान रखने योग्य बातें

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आहार देते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. चौके का स्थान शुद्ध हो, प्रकाश पर्याप्त मात्रा में हो।
  2. जल दोहरे मोटे छन्ने से छना हो तथा उबाल कर रखें।
  3. शुद्ध सोले के कपड़े से भोजन बनायें।
  4. नाखून बड़े न हों, बाल खुले न हों, सिर ढका हो।
  5. फल—सब्जी आदि को प्रासुक जल से धोकर काम में लें।
  6. आहार सम्बन्धि कार्य सूर्योदय के ४८ मिनट के बाद प्रारंभ होता है।
  7. आहार देने से पूर्व दाता प्रथम हाथ जोड़कर मनशुद्धि, वचनशुद्धि, कायशुद्धि, आहार-जल शुद्ध है, ऐसा बोलकर नमस्कार करें पुन: प्रासुक जल से हाथ धोकर स्वच्छ कपडे से हाथ पोंछ लें तभी आहार देना चाहिए।
  8. पदार्थ देते समय देख लें कि कही वह पदार्थ अतिगर्म अथवा अतिशीतल तो नहीं है।
  9. चौके में प्रयुक्त बर्तन से स्टीकर आदि हटा देना चाहिए।
  10. उपवास या अन्तराय के बाद पारणां के दिन साधु को जितना सहन हो सके उतना गर्म पानी, उकाली, दूध आदि लाभदायक होता है। ठण्डा जल, शिकंजी आदि नहीं।
  11. चौके में शुद्धता का ध्यान रखें। पानी आदि न फैलायें।